इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट का पहला राज्य संस्करण मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित सम्मेलन मध्य प्रदेश में आधारभूत संरचना के विकास के लिए जरूरी तैयारियों पर केंद्रित रहा
June 24, 2019 • Abhishek Verma

Director General Association of India Infrastructure INDIA RAJANEESH DASGUPTA

RIGHT TO LEFT DG AII INDIA RAJANEESH DASGUPTA, MAYANK SAXENA, PUSHPRAJ SINGH PRESIDENT JK CEMENT LTD.JPG

मध्य प्रदेश, जून 24, 2019: भोपाल में 21 जून, 2019 को मैरियट होटल के प्रांगण में इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर समिट (आईआईएस) के राज्य संस्करण का आयोजन किया गया। आयोजन का विषय था - एक्जीक्यूटेबल इंटेलिजेंस, जो उन सभी चीजों के बारे में है, जिन्हें हमारे देश की विविधतापूर्ण संस्कृति और जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए निष्पादित किया जा सकता है।

भोपाल में इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर समिट के राज्य संस्करण में अन्य हितधारकों के अलावा शिक्षाविदों और सरकार के सदस्यों ने भाग लिया, जिन्होंने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए, एसोसिएशन ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री (इंडिया) के महानिदेशक, श्री रजनीश दासगुप्ता ने कहा, 'मध्यप्रदेश तीव्र गति से प्रगति कर रहा है और यह बुनियादी ढांचे केविकास के बिना पूरी नहीं हो सकती। हालांकि, विकास भी नये और टिकाऊ विचारों तथा नवाचारों पर निर्भर करता है, जो तभी संभव है, जब विशेषज्ञ व सभी हितधारक एक साथ बैठकर बुनियादी ढांचे के बारे में विचार-विमर्श करें। यह सम्मेलन, उन्हें विचार साझा करने का मंच प्रदान करने और निष्पादन को प्रोत्साहित करने का एक प्रयास है।'

पहला सत्र भारत में रियल एस्टेट परिदृश्य और मध्य प्रदेश राज्य व भोपाल पर इसके प्रभाव पर केंद्रित रहा। दूसरे व तीसरे सत्र मंे, राज्य में रहने के लिए उपयुक्त शहरों के निर्माण और बेहतर बुनियादी ढांचे के विकास पर चर्चा की गयी। इसके बाद के सत्रों में, सार्वजनिक एवं भूतल परिवहन से लेकर स्मार्ट शहरों की अवधारणा तक सब चीजों पर बात की गयी। इन मुद्दों पर वक्ताओं ने कुछ बहुत ही रोचक जानकारी दी।

वक्ताओं ने एक ऐसी सामुदायिक प्रणाली के निर्माण के बारे में भी बात की जिसमें आवागमन, आवास, रोजगार के अवसर, शिक्षा एवं जन-कल्याण जैसे मुद्दों को नागरिकों की जरूरत के हिसाब से एकीकृत रूप से डिजाइन किया जा सके। उन्होंने इस पर भी चर्चा की कि साथ रहने की अवधारणा में सुनियोजित बदलाव होने पर इसे कैसे सक्षम किया जा सकता है। आयोजन के अंत में स्मार्ट शहरों पर एक दिलचस्प परिचर्चा आयोजित की गयी।

सम्मेलन में इस पर विचार किया गया कि सरकार या मंत्रालय किसी उत्पाद या सेवा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए किस तरह से समुदायों के साथ मिलकर काम कर सकते हैं और इसे प्रोत्साहित करने के लिए कैसे अतिरिक्त लाभ प्रदान कर सकते हैं। भारत का बुनियादी ढांचा ऊंची छलांग लगाने के लिए तैयार है और बुनियादी ढांचे के अंतर को पाटने के लिए अगले 10 वर्षों में 1.5 ट्रिलियन राशि की जरूरत है। इस प्रकार यह आयोजन इस दिशा में समुदाय को संगठित करने का एक प्रयास था। एसोसिएशन ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री (इंडिया) का उद्देश्य बदलते विषयों और परिदृश्य के साथ तालमेल करते हुए और अधिक प्रासंगिक विषयों को आगे लाना है।