दिल्ली की जहरीली हवा से युवती को कैंसर
July 31, 2019 • एसएस/Canon Times Bureau


- सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों का दावा, यह पहला मामला
नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली की जहरीली हवा फेफड़ों को बीमार ही नहीं बहुत अधिक बीमार बना रही है। सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने जहरीली हवा से एक युवती में फेफड़ों का कैंसर होने का दावा किया है। डॉक्टर इसे पहला मामला बता रहे हैं। सेंटर फॉर चेस्ट सर्जरी के चेयरमैन डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि पिछले हफ्ते उनकी ही ओपीडी में एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में कार्यरत 28 वर्षीय युवती जांच के लिए आई थी। जन्म लेने से स्कूल जाने की शुरुआत यानी करीब 6 वर्ष तक वह परिवार के साथ गाजीपुर इलाके में रहती थी। बाद में परिवार पश्चिमी दिल्ली में आकर रहने लगा। परिवार के किसी भी सदस्य के धूम्रपान करने का रिकॉर्ड भी नहीं मिला है। ये मामला सीधे वायु प्रदूषण से ही जुड़ा है। हाल ही में सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी थी कि देश में प्रदूषण से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है। 
प्रदूषण साइलेंट किलर की तरह 

डॉ. कुमार का कहना है कि दुनिया के सभी मानवों की संरचना एक जैसी है। इसमें प्रदूषण साइलेंट किलर की तरह काम करता है जिसका असर एक-दो नहीं, बल्कि 20-30 साल बाद दिखता है। डब्ल्यूएचओ भी इसे दुनिया भर में जन स्वास्थ्य आपात (पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी) घोषित कर चुका है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहे तो इस युवती के मामले पर किसी भी संस्था से शोध या अध्ययन करा सकती है।
 
दिल्ली में प्रदूषण के मुख्य कारण
अक्तूबर 2018 में आई केंद्रीय विज्ञान मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में 41 फीसदी पीएम 2.5 के प्रदूषित कण वाहनों से, 21.5 फीसदी धूल और 18 फीसदी प्रदूषण कण विभिन्न फैक्टरियों की वजह से हैं।

देश में प्रदूषण से करीब 15 लाख लोगों की मौत
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर दिल्ली है। भारत में प्रदूषण से सालाना करीब 15 लाख लोगों की मौत हो रही है। स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, घर के भीतर या लंबे समय तक बाहरी वायु प्रदूषण से घिरे रहने की वजह से 2017 में दुनियाभर में 50 लाख लोगों की मौत हो गई। जबकि भारत में करीब 12 लाख मौतें प्रदूषण से हुईं हैं।