COVID 19 के संकट के बीच, PR24x7 ने लोगों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए 'हम होंगे कामयाब' अभियान की शुरुआत की।
April 15, 2020 • Canon Times Bureau

18 दिनों से अधिक समय हो गया है, हम सभी घरों में लॉक डाउन के तहत रह रहे हैं। सरकार
द्वारा हमारे देश को 21 दिनों के लॉकडाउन में रखने की घोषणा के बाद, विशेषकर नौकरी वाले
अधिकांश लोग कहीं बीच में ही अटक गए। COVID-19 मामलों की न केवल भारत में बल्कि
दुनिया भर में वृद्धि के साथ, लोग बिना किसी निश्चित डेट के अपने घरों में रह रहे है. इस
गहरे संकट के बीच, प्रसिद्ध पीआर फर्म, पीआर 24x7 अपने कर्मचारियों के साथ 'हम होंगे
कामयाब' अभियान के साथ काम कर रहा है ताकि दुनिया में ऐसे समय में सकारात्मक होने का
संदेश फैलाया जा सके और अगर हम अपनी इच्छा और दृढ़ संकल्प को बनाये  रखे तो हम
एक दिन इस संकट से बाहर निकल आएंगे।
 लॉकडाउन और कारोबार बंद होने से लोग हताश और निराश हो रहे हैं। व्यावसायिक क्षेत्रों में,
क्लाइंट और पार्टनर्स पीछे हट रहे है। कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं
जबकि कुछ उनकी सैलरी में कटौती कर रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को आशावाद
और दृण इच्छाशक्ति का एहसास कराना है। भले ही हम कठिन समय का सामना कर रहे हों,
लेकिन हमें इस महामारी को पीछे छोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। हर रात के बाद
एक सवेरा होता है उसी तरह से हर संकट के बाद शांति और समृद्धि का समय आता है। हमें
बस अपने प्रयासों और दक्षता को दोगुना करना है। PR24x7 के संस्थापक श्री अतुल मलिकराम
इस विषय में बात करते हुए कहते हैं, “हम एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। लॉकडाउन और
अधिकांश व्यवसाय बंद होने से अर्थव्यवस्था दिन पर दिन गिरती जा रही है। अभी जो हम कर
सकते हैं वह है,  सकारात्मक होना और भविष्य के लिए योजना बनाना और खुद को तैयार
करना। जीवन उतार-चढ़ाव से भरा है और हमें अपने प्रयासों से यह सब करके अपना रास्ता
बनाना है। ”
 
पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि महाभारत में कई महान योद्धाओं और निर्दोषों की मृत्यु
हुई और वे महान योद्धा पांडव और कौरव के बीच युद्ध में मारे गए। लेकिन युद्ध के बाद, नए
परिवर्तनों और नए सिरे से ऊर्जा के साथ, नए राजा ने सिंहासन का अधिग्रहण किया और अपने
देश और देशवासियों को शांतिपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उदाहरण के लिए आधुनिक
समय की बात करें तो ब्रिटेन में  द्वितीय विश्व युद्ध ने लोगों को केवल अराजकता और
परेशानियों के साथ छोड़ दिया। लेकिन यह उनकी अद्भुत इच्छाशक्ति, दृढ़ संकल्प और कड़ी

मेहनत के कारण है कि उस समय लोग अपने कष्टों से बाहर निकलने और एक बड़े साम्राज्य
का निर्माण करने में सक्षम हुए, और अपने देश को दुनिया के प्रगतिशील और शक्तिशाली देशों
में से एक बनाया। यहां तक कि जापान में हिरोशिमा और नागासाकी परमाणु बम से हमला होने
के बाद भी वह पूरी ताकत के साथ वापस आया। हमें इन सभी मामलों से इस तरह की प्रेरणा
लेनी चाहिए कि इतनी कठिनाइयों और संकटों को सहन करने के बाद भी कैसे उन्होंने नए सिरे
से ऊर्जा बनाने के लिए बेक बाउंस किया और अपने आप को शक्तिशाली बनाया।
 वर्तमान में, शायद भविष्य हमें खाली और निराशावादी दिखाई दे सकता है, लेकिन अगर हम
कड़ी मेहनत करते हैं और अपनी दक्षता में सुधार करते हैं, तो हम अपने और हमारी आने वाली
पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य और बेहतर संभावनाओं का निर्माण कर सकते हैं।